Saturday, July 3, 2010

पहल की है, तो कदम भी बढ़ेंगे

पहल की है, तो कदम भी बढ़ेंगे
पहल की है, तो दूरी भी तय करेंगे
पहल की है, तो चढ़ाई भी चढ़ेंगे
पहल की है, तो मंज़िल भी ढूँढ़ लेंगे
पहल की है, तो साथी भी मिलेंगे
पहल तो नाम है पहली सीढ़ी का
मंज़िल तक बहुत से आयाम मिलेंगे
भले ही बहुत छौटा है चिराग़
पर उजियारे में उसके कई मशाल मिलेंगे
पहल का कदम, अब जीवन में अहम्
विराम तक ना रुकेंगे अब !
आगे ही बढ़ते रहेंगे हम !!

-डा० मृदुला पाण्डेय

10 comments:

Vivek Rastogi said...

स्वागत है ।

0 तिरुपति बालाजी के दर्शन और यात्रा के रोमांचक अनुभव – १० [श्रीकालाहस्ती शिवजी के दर्शन..] (Hilarious Moment.. इंडिब्लॉगर पर मेरी इस पोस्ट को प्रमोट कीजिये, वोट दीजिये

राम त्यागी said...

बहुत बढ़िया शुरुआत !!

Udan Tashtari said...

अच्छी सलाह!! स्वागत है, नियमित रहें.

पहल said...

राम त्यागी जी, समीर जी आपका धन्यवाद प्रतिक्रिया के लिए

sajid said...

स्वागत है ।

राकेश कौशिक said...

प्रशंसनीय

संगीता पुरी said...

इस नए चिटठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

Sarita said...

पहल तो नाम है पहली सीढ़ी का.... सुंदर अभिव्यक्ति. आपके ब्लाग पर आकर अच्छा लगा..
चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है... हिंदी ब्लागिंग को आप नई ऊंचाई तक पहुंचाएं, यही कामना है....
इंटरनेट के जरिए अतिरिक्त आमदनी भी कर सकते हैं. इच्छा हो तो यहां पधारें-
http://gharkibaaten.blogspot.com

अजय कुमार said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

प्रतुल कहानीवाला said...

भले ही बहुत छौटा है चिराग़
पर उजियारे में उसके कई मशाल मिलेंगे
— काफी अच्छी पहल.