Saturday, May 15, 2010

पहल


हम जिस समाज में रह रहे हैं वह अब रहने के योग्य नहीं रह गया है अथवा समाज में तमाम बुराइयाँ हैं .......... इस तरह की न जाने कितनी बातें हम प्रतिदिन सुनते रहते हैं ............ परन्तु इस तरह की बातों से न तो हमारा कुछ भला होगा और न ही हमारे समाज का......... हमें कुछ करना होगा...... एक पहल करनी होगी अपने समाज के लिए, इसे अच्छा बनाने के लिए........ आइए हम सब जुट जाएँ इस एक अनोखी पहल में -

1 comment:

राम त्यागी said...

बिलकुल सही बात कही है. जैसे कि श्रीराम शर्मा आचार्य ने कहा है -
हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा !!