Sunday, September 18, 2011

हाइकु कविताएँ

मुक्तिबंधन
जागरूकता मंत्र
जी ले जीवन ।



पटल मन
चेतन अवचेतन
अंकित क्षण ।



मानव जाति
सम्पूर्णतम कोटि
साकार कर ।



निर्वाण भव
अद्वैत जानकार
शून्य अवस्था ।


डा० मृदुला पाण्डेय

Saturday, July 3, 2010

पहल की है, तो कदम भी बढ़ेंगे

पहल की है, तो कदम भी बढ़ेंगे
पहल की है, तो दूरी भी तय करेंगे
पहल की है, तो चढ़ाई भी चढ़ेंगे
पहल की है, तो मंज़िल भी ढूँढ़ लेंगे
पहल की है, तो साथी भी मिलेंगे
पहल तो नाम है पहली सीढ़ी का
मंज़िल तक बहुत से आयाम मिलेंगे
भले ही बहुत छौटा है चिराग़
पर उजियारे में उसके कई मशाल मिलेंगे
पहल का कदम, अब जीवन में अहम्
विराम तक ना रुकेंगे अब !
आगे ही बढ़ते रहेंगे हम !!

-डा० मृदुला पाण्डेय

Saturday, May 15, 2010

पहल


हम जिस समाज में रह रहे हैं वह अब रहने के योग्य नहीं रह गया है अथवा समाज में तमाम बुराइयाँ हैं .......... इस तरह की न जाने कितनी बातें हम प्रतिदिन सुनते रहते हैं ............ परन्तु इस तरह की बातों से न तो हमारा कुछ भला होगा और न ही हमारे समाज का......... हमें कुछ करना होगा...... एक पहल करनी होगी अपने समाज के लिए, इसे अच्छा बनाने के लिए........ आइए हम सब जुट जाएँ इस एक अनोखी पहल में -